लबों से बातें हो कुछ , गिलें शिकावें और सही
आखें अभी नम है , कुछ बातें और सही
युएँ ही दिल लगा लिया , कह गये हमसे य़ू
जैसे दिल बहलाने के लिए, एक खिलौना और सही
युही पढ़ले हालें दिल, कभी कही किसी रोज़
हजारों खतों मैं , एक खत और सही
तू कभी याद करे , और मेरी याद हों
तेरी खाली आखों मैं, मेरे आसूं और सही
..............Not completed yet


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