थोडा बहोत तो सब जान लेतें हैं
समझतें सब है , काम कुछ आतें हैं
यूँही सबक सीख लिया हमनें ,
दुश्मन नहीं ,कुछ दोस्त सिखा जातें हैं
एक पल मैं सिमट लेट हैं वो हमें
हम ज़िन्दगी भर के लिए बिखर जाते है
क्या कोई समझे , तू ना लिख सोनी
नासमझ आपबीती पे वाहवाही किये जाते है