Friday, July 6, 2012



लबों से बातें हो कुछ , गिलें शिकावें और सही
 आखें अभी नम है , कुछ बातें और सही

युएँ ही दिल लगा लिया , कह गये हमसे य़ू
जैसे दिल बहलाने के लिए, एक खिलौना और सही

युही पढ़ले हालें दिल, कभी कही किसी रोज़
हजारों खतों मैं , एक खत और सही




तू कभी याद  करे , और मेरी याद हों
तेरी खाली आखों मैं, मेरे आसूं और सही




..............Not completed yet







6 comments:

  1. युही पढ़ले हालें दिल, कभी कही किसी रोज़
    हजारों खतों मैं एक खत और सही

    Loved the lines. Kharab nai incomplete hai, write more :)

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  2. You are the only person who gave good comment which inspired to write ....otherwise I got all bad comments ....thanks

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  3. Nice , but thodi Kashish baaki hai ...write the full version , will be good to read :)

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