Sunday, November 28, 2010

दीवारों पे लिखे नामों को मिटाना आ गया
मुह्हबते गम मैं मुस्कुराना आ गया

कुछ पूछे log , वजह ख़ामोशी की
हर pal नया बहाना बनाना आ गाया

हर din नए खुशियों की रिश्वत diaya करते है
हमें बुझे से दिल को बहलाना आ गया

इतने झूठ देखे के अपनों पर बरोसा नहीं रहा
आज किसी anjaan chehare par ऐतबार करना आ गया

hatoin की lakiroin को mitana नामुनकिन howa करता है
magar bighade takdiroin ko sawarana aa gaya

sacchai kahain magar log bardashta nahi karate
abhi jhoothe labjoin main sacchai jatana aa gaya

पहेले डरा कराती थी मुश्किलें rahon से सोनी
अब शोलें राहगुजर का मजा लेना आ गया